फल
मेरे पास दो विकल्प हैं या तो तुमसे शादी करूं या तो तुमसे शादी नही करूं। मुझे जहाँ तक लगता है तुम अभी भी मेरा इन्तजार कर रही हो। अगर इन्तजार नही कर रही हो तो मेरे ये सब लिखने का कोई मतलब नही है। ऐसे भी जिस दिन से तुमने मेरे साथ धोखा किया है मुझे इस संसार से जीने कि इच्छा खतम हो गयी है। किसी चीज़ मे कोई रूचि नही है। बस किसी तरह से जिन्दगी काट रहा हूँ। मुझे खुद भी कुछ पता नही हैं। किसी दिन अगर जयादा ग़ुस्सा आया तो उसी दिन अपने इस छोटी सी जिन्दगी का अंत कर दूंगा। केवल अपने माता पिता का कर्ज़ के कारन दुनिया मे टिका हूँ। अगर जिंदा रहा तो कुछ लिखता रहूँगा . शायद लिखने से मेरा दर्द कम हो। अब मेरे जिन्दगी मेरा कोई अपना नही है। और ना ही मैं किसी को अपना बनाना चाहता हूँ। बहुत कर लिया प्यार व्यार । प्यार मे धोखा से बढकर कोई सज़ा नही। जेल सेल तो सब कहने कि बात हैं। जेल मे किसी को कोई सज़ा नही मिलता। अगर किसी को सही मे सज़ा देना है तब उसे किसी से प्यार करवा दो उर फिर उसकी महबूबा को उससे छीन लो या तो महबूबा उसको धोखा दे जाये। आज कल के दौड़ मे ऐसी लडकियां सड़क के हर मोड़ पर मिल जाती हैं जो कि धोखा देने के लिए तैयार हैं। खास कर के मैं अपने जैसे सीधा साधा ऎंड निर्दोष बालक को प्यार व्यार के चक्कर से दूर रहने कि ही सलाह दूंगा। अगर मैं इन सब के चक्कर मे नही पड़ता तो सायद से एक अच्छा होनहार बालक होता। मुम्मी पापा के कहने मानता और अपनी भाई बहन के लिए कुछ करता । मगर अब तो कुछ करने का जोश ही नही है। लगता है शरीर के अन्दर से सारा जोश ख़त्म हो गया है। किसी ने शरीर कि उर्जा शक्ति ही छीन ली है । समाज कि भाषा मे कहे तो नापूंसक बन गया हूँ। मुझे भी अपने आप को नापूंसक कहने मे बहुत खराब लग रहा है। मगर मैं क्या कर सकता हूँ जो सच है वो सच है। कोई सच को मिटा नही सकता और सच को स्वीकार करना बहुत जरूरी हैं। अगर हम सच को स्वीकार करेंगें ही नही तो फिर सच के सामने अडिग खडा कैसे रह सकेंगें। सच के सामने खड़ा रहने के लिए शक्ति कि जरूरत होती है।
हाँ तो बात चल रही थी तुमसे शादी करने कि । अगर तुम अभी भी मेरा इन्तजार कर रही हो तो शायद मेरे पास तुमसे शादी करने के अलावा कोई दुसरा रास्ता नही है। मगर दिल से मैं अब किसी से शादी नही करना चाहता हूँ। अपनी बाकी कि जिन्दगी भगवन भजन मे लगाना चाहता हूँ। अब और नही चाहता हूँ कि कोई मेरा दिल दुखाये। मैं अकेले रह लूँगा। शायद पिछले जनम मे कुछ कुकर्म किया था सायद उसी का फल मिल रहा है।
