चलना है ।
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जिन्दगी के इस मोड़ पे खडे
कभी दाए कभी बाएं
कभी चीत कभी पाट
मुह औंधे पडे
कभी सोचता हूँ
कभी रोता हूँ
कभी हँसता हूँ
कभी गाता हूं
बस ऐसे ही किसी तरह
जिन्दगी को जीता हूँ
कहते हैं जिन्दगी मे सब कुछ नही मिलती
और कुछ लोग ऐसे भी हैं
जिन्हे कुछ नही मिलती
हाँ एक चीज़ मिलती हैं
सूनापन अकेलापन और तनहाई।
सब धोखा है
सब छलावा है
जिन्दगी जीने का मन नही
फिर भी लोगों को हसते दिखाना है ।
दिखावा दुनिया का दस्तूर है
इस चेहरा के पीछे जो चेहरा छिपा है
उसका किसी को फिकर नही
फिकर कि आशा ही बेकार है
ये दुनिया है
सब कुछ मोल जोल से मिलता है
दुःख के दिए मे
निराशा का तेल जलता है
बस जलना है , जलना है
जिन्दगी के पथ पर बिना कुछ सोचे
बिना किसी आशा के
काटो और फूलो को अनदेखा कर के
बस चलना है , चलना है ।
